राँची पर निबंध – Essay on Ranchi in Hindi

Essay on Ranchi in Hindi

इस पोस्ट में राँची पर निबंध (Essay on Ranchi in Hindi) के द्वारा राँची के बारे में विस्तार से जानने की कोशिस करेंगे। राँची भारत का एक महानगर और झारखंड प्रदेश की राजधानी है। यह झारखंड का तीसरा सबसे प्रसिद्ध शहर है। इसे झरनों का शहर भी कहा जाता है। पहले जब यह बिहार राज्य का भाग था तब गर्मियों में अपने अपेक्षाकृत ठंडे मौसम के कारण प्रदेश की राजधानी हुआ करती थी।

राँची एक प्रमुख औद्योगिक केन्द्र भी है। जहाँ मुख्य रूप से एच ई सी (हेवी इंजिनियरिंग कारपोरेशन), भारतीय इस्पात प्राधिकरण, मेकन इत्यादि के कारखाने हैं। राँची के साथ साथ जमशेदपुर और बोकारो इस प्रांत के दो अन्य प्रमुख औद्योगिक केन्द्र हैं।

राँची पर निबंध – Essay on Ranchi in Hindi

राँची को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट सिटीज मिशन के अन्तर्गत एक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किये जाने वाले सौ भारतीय शहरों में से एक के रूप में चुना गया है। राँची भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का गृहनगर होने के लिए प्रसिद्ध है।

झारखंड की राजधानी राँची में प्रकृति ने अपने सौंदर्य को खुलकर लुटाया है। प्राकृतिक सुन्दरता के अलावा राँची ने अपने खूबसूरत पर्यटक स्थलों के दम पर विश्व के पर्यटक मानचित्र पर भी पुख्ता पहचान बनाई है। गोंडा हिल और रॉक गार्डन, मछली घर, बिरसा जैविक उद्यान, टैगोर हिल, मैक क्लुस्किगंज और आदिवासी संग्राहलय इसके प्रमुख पर्यटक स्थल हैं।

इन पर्यटक स्थलों की सैर करने के अलावा यहां पर प्रकृति की बहुमूल्य देन झरनों के पास बेहतरीन पिकनिक भी मना सकते हैं। राँची के झरनों में पांच गाघ झरना सबसे खूबसूरत है क्योंकि यह पांच धाराओं में गिरता है। यह झरने और पर्यटक स्थल मिलकर राँची को पर्यटन का स्वर्ग बनाते हैं और पर्यटक शानदार छुट्टियां बिताने के लिए हर वर्ष यहां आते हैं।

रांची, झारखंड की राजधानी रांची और बुंदू उपखंडों में विभाजित है और प्रत्येक उपखंड को आगे ब्लॉक, पंचायत और गांवों में विभाजित किया गया है। इसमें 18 ब्लॉक और 305 पंचायत शामिल हैं। रांची उपखंड के तहत, 14 ब्लॉक हैं और बुंडू उपखंड में 4 ब्लॉक हैं।

Essay on Ranchi in Hindi: रांची, अपने आधुनिक रूप में, भारतीय राज्य झारखंड की राजधानी है। ज्यादातर भारतीय जानते हैं कि पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी एमएस धोनी के गृहनगर है | शहर में एक मध्यम जलवायु होती है और अविभाजित बिहार के समय से गर्मियों की राजधानी है। इसे “जलप्रपातों का शहर” के रूप में जाना जाता है।

रांची, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों के छात्रों के लिए भी एक लोकप्रिय शैक्षणिक गंतव्य है। कई छात्र यहां अपने वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा के लिए आते हैं, और इसमें कुछ प्रतिष्ठित संस्थान भी हैं जैसे कि बीआईटी मेसरा, आईआईएम, एनआईएफएफटी, एनयूएसआरएल, सीआईपी, आरआईएमएस आदि।

इसमें एचईसी, सीसीएल और सेल जैसी कुछ महत्वपूर्ण सरकारी संगठनों के प्रमुख कार्यालय हैं। । यह गुणवत्ता के खेल के बुनियादी ढांचे के लिए भी जाना जाता है क्योंकि विभिन्न प्रकार के खेल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम हैं। यदि आप एक प्रकृति के शौकीन हैं, तो शहर पर्यटन स्थलों के साथ भरी हुई है। शहर से 70-100 किमी की दूरी के भीतर कई झरने, पहाड़ियों और जंगलों हैं।

राँची का नाम उराँव गांव के पिछले नाम से एक ही स्थान पर, राची के नाम से लिया गया है। “राँची” उराँव शब्द ‘रअयची’ से निकला है जिसका मतलब है रहने दो। पौराणिक कथाओं के अनुसार, आत्मा के साथ विवाद के बाद,एक किसान ने अपने बांस के साथ आत्मा को हराया। आत्मा ने रअयची रअयची चिल्लाया और गायब हो गया।

रअयची राची बन गई, जो राँची बन गई। राची के ऐतिहासिक रूप से एक महत्वपूर्ण पड़ोस में डोरांडा (दुरन “दुरङ” का अर्थ है गीत और दाह “दएः” का अर्थ मुंदारी भाषा में जल है)। डोरांडा हीनू (भुसूर) और हरमू नदियों के बीच स्थित है, जहां ब्रिटिश राज द्वारा स्थापित सिविल स्टेशन, ट्रेजरी और चर्च सिपाही विद्रोह के दौरान विद्रोही बलों द्वारा नष्ट किए गए थे।

राँची का भूगोल

राँची कर्क रेखा के पास है। इसकी नगरपालिका क्षेत्र 652.02 कि॰मी2 (252 वर्ग मील) है, और इसकी औसत ऊंचाई समुद्र तल से 651 मीटर है। राँची छोटा नागपुर पठार के दक्षिणी भाग में स्थित है, जो दक्कन पठार का पूर्वी भाग है।

राँची की एक पहाड़ी स्थलाकृति और इसके घने उष्णकटिबंधीय जंगलों का एक संयोजन है जो राज्य के बाकी हिस्सों की अपेक्षा अपेक्षाकृत मध्यम जलवायु का उत्पादन करता है। हालांकि, अनियंत्रित वनों की कटाई और शहर के विकास के कारण, औसत तापमान में वृद्धि हुई है।

राँची में प्रसिद्ध जगह

गोंडा हिल एण्ड रॉक गार्डन

Essay on Ranchi in Hindi: रांची में पर्यटक गोंडा हिल और रॉक गार्डन की सैर पर जा सकते हैं। रॉक गार्डन को गोंडा हिल की चट्टानों को काटकर बनाया गया है। इस पार्क के अलावा गोंडा हिल की तराई में एक बांध का निर्माण भी किया गया है जो इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देता है। यह सब मिलकर इसे एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट बनाते हैं। पर्यटकों को यहां आकर बहुत अच्छा लगाता है क्योंकि वह यहां पर शानदार पिकनिक का आनंद ले सकते हैं।

मछलीघर और मूटा मगरमच्छ प्रजनन केन्द

गोंडा हिल पर पिकनिक मनाने के अलावा पर्यटक रांची में मछलीघर और मूटा मगरमच्छ प्रजनन केन्द्र देखने जा सकते हैं। मछलीघर में पर्यटक विभिन्न प्रजातियों की रंग-बिरंगी मछलियों को देख और खरीद सकते हैं। जबकि मगरमच्छ प्रजनन केन्द्र में लगभग 50 मगरमच्छों को देखा जा सकता है। यह दोनों बहुत खूबसूरत हैं और पर्यटकों को बहुत पसंद आते हैं। वह मछलियों और मगरमच्छों के खूबसूरत चित्रों के फोटो खींचकर भी ले जाते हैं।

टैगोर पहाड़ी

टैगोर पहाड़ी की गिनती रांची के प्रमुख पर्यटक स्थलों में की जाती है। यह पर्यटकों के बीच बेहतरीन पर्यटक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। उन्हें पहाड़ी पर आकर बहुत अच्छा लगता है क्योंकि इस पहाड़ी से पूरे रांची के मनोहारी दृश्य देखे जा सकते हैं। पहाड़ी पर पत्थरों से बने शांतिधाम को भी देखा जा सकता है। इसका निर्माण गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के बड़े भाई ने कराया था।

मैक क्लुस्किगंज

यूरोपि‍यन शैली के बंगलों और आदिवासी संग्राहलय के लिए मैक क्लुस्किगंज स्थानीय निवासियों के साथ पर्यटकों में भी बहुत लोकप्रिय है। यहां पर कई खूबसूरत बंगले देखे जा सकते हैं। बंगलों के अलावा यहां पर आदिवासी संग्राहलय की स्थापना भी की गई है जिसमें आदिवासियों के इतिहास और संस्कृति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक वस्तुओं को देखा जा सकता है।

झरने

प्रकृति के अनमोल उपहार झरनों को रांची के पर्यटन उद्योग की जान माना जाता है। इन झरनों में हुन्डरू, जोन्हा, दसम और पांच गाघ झरने प्रमुख हैं। यह झरने तो खूबसूरत हैं ही लेकिन इनके आस-पास के नजारे भी बहुत खूबसूरत हैं जो पर्यटकों को मंत्र-मुग्ध कर देते हैं। इन सभी झरनों में जोन्हा झरना प्रमुख है क्योंकि इस झरने के पास भगवान बुद्ध के मन्दिर के दर्शन किए जा सकते हैं। पर्यटकों को यह झरना खासतौर से आकर्षित करता है क्योंकि यहां उनके ठहरने के लिए रेस्ट हाऊस का निर्माण किया है।

राँची कर्क रेखा के पास है। इसकी नगरपालिका क्षेत्र 652.02 कि॰मी2 (252 वर्ग मील) है, और इसकी औसत ऊंचाई समुद्र तल से 651 मीटर है। राँची छोटा नागपुर पठार के दक्षिणी भाग में स्थित है, जो दक्कन पठार का पूर्वी भाग है।

राँची की एक पहाड़ी स्थलाकृति और इसके घने उष्णकटिबंधीय जंगलों का एक संयोजन है जो राज्य के बाकी हिस्सों की अपेक्षा अपेक्षाकृत मध्यम जलवायु का उत्पादन करता है। हालांकि, अनियंत्रित वनों की कटाई और शहर के विकास के कारण, औसत तापमान में वृद्धि हुई है।

राँची के बारे में १० वाक्य –  10 lines on Jharkhand in Hindi

  • झारखण्ड भारत का एक राज्य है, और इसकी स्थापना 15 नवम्बर 2000 को की गई थी।
  • झारखण्ड में कुल 24 जिले है और इसकी राजधानी रांची है।
  • झारखण्ड का अधिकांश भाग जंगलों से भरा है।
  • यहाँ मुख्य रूप से धान की खेती की जाती है।
  • झारखण्ड के पडोसी राज्य, बिहार,उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश है।
  • भारत का सबसे बड़ा इस्पात का कारखाना टाटा स्टील जमशेदपुर में स्थित है, जो झारखण्ड में ही है।
  • झारखण्ड में बहुत से खनिज सम्पदा जैसे – कोयला, लोहा, ग्रैफाइट, चुना इत्यादि पाए जाते है।
  • झारखण्ड की राजकीय फूल पलाश का फूल तथा राजकीय पेड़ साल का पेड़ है।
  • राज्य की प्रमुख भाषा हिंदी है, पर यहाँ अन्य भाषा जैसे नागपुरी, बंगाली, भोजपुरी इत्यादि भी बोली जाती है।
  • भारतीय क्रिकेट के लोकप्रिय खिलाडी महेंद्र सिंह धोनी वो, भी झारखण्ड के ही है।

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