राऊटर क्या है इसे कैसे उपयोग में लाते है? पूरी जानकारी

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आज इंटरनेट हमारी दिनचर्या का एक अहम हिस्सा हो बन गया है। छोटा से छोटा और बड़ा से बड़ा काम हम इंटरनेट के माध्यम से करते हैं  जिससे हमारा बहुत समय और मेहनत दोनों बच जाता है, जिसका हम उपयोग अन्य काम को पूरा करने में करते हैं।मोबाइल नेट के अलावा हम जिस माध्यम से इंटरनेट इस्तेमाल करते उसे ब्रॉडबैंड सेवा कहा जाता है।जिसकी कनेक्विटी विटी राउटर की सहायता से होती है।

राऊटर क्या है (What Is Router In Hindi)

हम और आप अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर  डिवाइस को जिस WiFi इंटरनेट को उपयोग में लाते है वो राऊटर के माध्यम से संचारित होता है अतः राउटर के बारे में जरूरी जानकारी हम आपको बतायेंगे। क्योंकि राऊटर किसी कंप्यूटर तथा इंटरनेट के मध्य डेटा को जोड़ने का कार्य करते हैं।

राऊटर एक ऐसा नेटवर्किंग डिवाइस है जो दो या दो से अधिक कंप्यूटर नेटवर्क को जोड़ने का कार्य करता है। यह एक प्रकार का ऐसा सूक्ष्म हार्डवेयर नेटवर्किंग डिवाइस होता हैं जो नेटवर्क के रूप में डाटा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जोड़ता हैं। उदाहरण के लिए जो हम इंटरनेट पर रोजाना ईमेल, सोशल पेज एप

यू ट्यूब और वेब पेज आदि सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं, वो सब इसी के नीतू वर्किंग सहायता से होता है। राऊटर द्वारा उस डेटा पैकेट को प्राप्त करने के बाद उस पैकेट में मौजूद जानकरी को पढ़ने के बाद राऊटर उसे नेटवर्क एड्रेस तक पहुँचाता है। इस तरह किसी पैकेट को नेटवर्क के माध्यम से एक राऊटर से अन्य राऊटर तक पहुचाकर सूचना दी जाती है।अतः इस प्रकार राऊटर इंटरनेट पर आने जाने के निर्देशन का कार्य करता हैं। राऊटर को वायर या वायरलेस दोनों तरीकों से कंप्यूटर्स को कनेक्ट करते हैं।

राउटर कैसे काम करता है? How does Router Works

जैसे की आपको पता होगा राउटर , पैके को एक नेटवर्क से दुसरे नेटवर्क तक पहुँचाने का काम करता है। ये भी कहा जा सकता है कि  साधन से डेस्टिनेशन पते  तक पैक को भेजता है।इसका मुख्य कार्य है पैक को रिसिव करना और रीसिवर् को पहुँचाना।आपने अपने कंप्यूटर से एक फेसबुक संदेश भेजा अपने किसी दोस्त के पास, जो अभी भोपाल में है। वहाँ सबसे पहले वो संदेश एक पैक में परिवर्तित हो कर अपने नज़दीकी  राउटर के पास पहुँचता है।अब  राऊटर , राउटिंग नियम से राउटिंग टेबल का निरीक्षण करता है।

राउटिंग टेबल में नज़दीकी परिसर में जितने भी  राऊटर हैं उन सभी का पता और मार्ग की दूरी का पता चल जाता है। और इसके बाद सबसे पास वाले राऊटर के पास पैक को ले जा किया जाता है, जिसमे रेसिवर् का IP एड्रेस रहता है. पैक अगले राउटर के पास पहुँचते ही वो भी फिर से छोटे से छोटे मार्ग का निरीक्षण करता है और अगले राउटर के पास जानें का मार्ग खोल देता है भेज दिया जाता है। वो कुछ इस तरह से पैक ग्रहण करके कंप्यूटर के पास पहुँच जाता है।

एक राउटर अनेकों  नेटवर्क को जोड़ता भी है और अपने राउटिंग टेबल को भी करता है। और बेहतर करता रहता है। हर एक राउटर अपने अपने आस पास वाले राउटर की जानकारी रखते हैं। राउटिंग प्रोटोकॉल सभी राउटर में विद्यमान रहता है जिसकी मदद से वो आपस में व्यवहार रखते हैं।और इसके साथ साथ अपने जुड़े नेटवर्क की जानकारी को आपस में साझा भी करते हैं, राउटिंग टेबल को नवीनतम करते रहते हैं। कुछ इस तरह से यह नेटवर्किंग सेवा कार्य करती है।

राऊटर के प्रकार

वर्तमान समय में आपको बाज़ार में ना ना प्रकार  के राउटर आए है। जरूरत के मुताबिक उन्हें विभाजित किया गया है। आगे के लेख में इसके बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे।

ब्रॉडबैंड राउटर

ब्रॉडबैंड राउटर कई तरीके से काम करता है। इनका उपयोग कंप्यूटर को आपस में जोड़ने के लिए और इंटरनेट से जोड़ने के लिए किया जाता है।

आगर वॉइस ओवर IP तकनीक के द्वारा आप अपने फ़ोन को इंटरनेट से जोड़ना चाहते हैं।तो आप को जानकारी होगी कि, वहां इस वॉइस IP कनेक्शन के लिए आपको ब्रॉडबैंड राउटर का उपयोग किया गया है।यह एक विशेष प्रकार  के माध्यम होता हैं जिनमे इंटरनेट और फ़ोन जोड़ सकते हैं।

वॉयर लेस राऊटर

आजकल हर कोई इसके बारे में जानता है।घर, ऑफिस, कॉलेज में इनका उपयोग बड़े पैमानें पर होता होता है।शायद आप अभी इस Wireless Router के माध्यम से इंटरनेट सेवा का लाभ ले रहे हो। यह वायरलेस राउटर wireless signal का एक क्षेत्र बनाता है और इस क्षेत्र में जितने भी कंप्यूटर, टैबलेट, मोबाइल फ़ोन हैं वो सभी इंटरनेट का उपयोग WiFi के द्वारा कर सकते है।

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इनमे पासवर्ड सिस्टम रहता है. सुरक्षा के लिए पासवर्ड और IP एड्रेस का उपयोग किया जाता है।आप देखे ही होंगे जब आप WiFi का उपयोग करते हैं।तब आप एक WiFi से कनेक्ट करने से पहले आपको पासवर्ड डालने की आवश्यकता होती है। यही इसका सुरक्षा फीचर है।

कुछ अन्य प्रकार के राउटर

एज राउटर :इस प्रकार के राऊटर को ISP (इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर) के किनारे रखा जाता है. बाहरी प्रोटोकॉल जैसे BGP (बार्डर गेटवे प्रोटोकॉल) को दुसरे ISP के BGP के साथ Configure करते हैं।

सब्सक्राइबर एज राऊटर

ग्राहक एज राउटर अंत उपयोगकर्ता (एंटरप्राइज़) संगठन के अंतर्गत आते हैं. इसे बाहरी BGP को प्रदाता के ए एस के रूप में प्रसारित करने के लिए Configure किया गया है।

इंटर प्रोवाइडर बॉर्डर राऊटर

इस तरह के राऊटर को ISP को अपसा में जोड़ने के लिया जाता है. जैसे Airtel को रिलायंस के साथ और वोडाफोन को जियो के साथ. यह BGP सत्र को बेहतर भी करता है।

कोर राऊटर

LAN नेटवर्क के रीड की हड्डी की तरह होता है जो राऊटर काम करता है, उसे कोर राऊटर कहते हैं।यह अलग अलग विभाजित राऊटर को आपस में जोड़ने के लिए है. मतलब अगर एक कंपनी है जिसके बहुत सारे राऊटर होंगे जो अलग अलग जगह पर होंगे।इन सभी राऊटर आपस में जोड़ने के लिए कोर राऊटर का उपयोग किया जाता है। इसका नाम भी इसी वजह से कोर है।


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