फ्लो चार्ट (Flow Chart) क्या है? पूरी जानकारी

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फ्लो चार्ट – Flow Chart in Hindi

हर एक काम को सही तरीके से करने का एक प्रक्रिया होता है जो पहले से निर्धारित होता है और हर एक व्यक्ति को अगर मकान पूरी तरह से सही तौर पर करना है तो उसे वह प्रक्रिया को पालन करना होता है और जिसके बाद ही वह मनचाहा रिजल्ट पाता है । अक्सर जब हम गणित का कोई प्रश्न बनाते हैं तो इस प्रश्न को हल करने के लिए एक निर्धारित प्रोसेस होता है जिसके जरिए हमें उसे प्रश्न का हल मिलता है उसी तरह कंप्यूटर में भी हर सॉफ्टवेयर के अंदर एक निर्धारित प्रोसेस होता है जिसके जरिए ही कोई रिजल्ट मिल पाता है । बढ़ते हुए टेक्नॉलॉजी के प्रयोग के साथ दिन प्रतिदिन कई तरह का सॉफ्टवेयर डेवलप किया जा रहा है इसी के कारण आज अधिकतर लोग सॉफ्टवेयर से जुड़े हुए क्षेत्र में काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और साथ ही इस क्षेत्र की डिमांड बढ़ती जा रही है ।

हर एक सॉफ्टवेयर बनाने का तरीका अलग अलग होता है लेकिन उन सब में एक चीज बेहद खास होती है और वह है एक निर्धारित जरिया , हर एक सॉफ्टवेयर के लिए अलग तरह प्रोसीजर फॉलो होता है जिसके कारण लोग अलग-अलग तरह के सॉफ्टवेयर डेवलप करते हैं । जब हम कंप्यूटर में कोई सॉफ्टवेयर बनाते हैं तो उससे एक प्रोग्राम बनाना होता है और उस प्रोग्राम के लिए हमें अल्गोरिथ्म लिखना पड़ता है और उस अल्गोरिथ्म के बाद फ्लो चार्ट बनाना होता है । तो जैसा कि, हमने आपको बताया कि हर एक सॉफ्टवेयर के लिए एक प्रोसीजर होता है जो कि पहले से निर्धारित होता है उसे अचानक कोई बदलता नहीं है या फिर अचानक उसमें कुछ नया नहीं जोड़ा जाता।

आज के दौड़ में अधिकतर लोग टेक्नोलॉजी सेे जुड़े हुए हैं और दिन प्रतिदिन इसका उपयोग बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण हर दिन नया सॉफ्टवेयर डिवेलप हो रहा है, और सॉफ्टवेयर से सीधा जुड़ाव है फ्लो चार्ट का, फ्लो चार्ट एक ऐसा टॉपिक है जिसको इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किया जाता है लेकिन लोग तमाम तरह के वेबसाइट पर जाने के बावजूद भी इसके बारे में पूर्ण ज्ञान नहीं अर्जित कर पाते हैं और फिर उनके मन में कई तरह के संदेह आने लगते हैं,

इसीलिए आज इस ब्लॉग के माध्यम से सोच के बारे में आपको समूचा ज्ञान देंगे और आपके मन में चल रही दुविधा का हल आपको इस ब्लॉग को पढ़कर मिल जाएगा, दोस्तों जब भी आपको ब्लॉक पढ़ते हैं तो कृपया कर के उसे अंत तक पढ़े और कोई भी जल्दबाजी ना करें क्योंकि अगर आप जल्दबाजी में कोई ब्लॉक पढ़ेंगे तो आप को सरल भाषा में बताए गए ज्ञान को भी अर्जित करना मुश्किल होगा और कई बार आप गलत समझ कर गलत ज्ञान हासिल कर लेंगे इसलिए जब भी आपको ब्लॉक को पढ़ें तो उस पर पूरी तरह से अपना ध्यान केंद्रित करें और ब्लॉक को जरूर से अंत तक पढ़े । अगर आप फ्लोचार्ट से जुड़ी हुई पूर्ण जानकारी चाहते हैं तो आप सही ब्लॉग पढ़ रहे हैं क्योंकि यहां हम आपको यह बताएंगे कि फ्लोचार्ट क्या होता है और साथ ही उससे जुड़ी हुई हर एक महत्वपूर्ण जानकारी आपको इस ब्लॉग में मिलेगी।

फ्लोचार्ट क्या होता है ? What Is Flow Chart In Hindi

किसी भी प्रोग्राम के लिए बनाये गए अल्गोरिथम को डायग्राम यानी चित्र में प्रदर्शित करने के लिए फ्लोचार्ट बनाया जाता है , उन डायग्राम के अंदर प्रोग्राम को लिखा जाता है, जिससे आसानी से समझ में आ जाये की प्रोग्राम कैसे चलेगा । फ्लोचार्ट में स्क्वायर, रेक्टेंगल , डायमंड , एरो इत्यादि जैसे सिंबल  का प्रयोग किया जाता है ,इन्हीं सिंबल से ही हमे जानकारी प्राप्त होती है, कि प्रोग्राम कैसे रन कर रहा है ।

यानी कि फ्लोचार्ट अल्गोरिथम का एक ग्राफिकल रूप होता है जिसका मतलब है कि हम अल्गोरिथ्म में जो भी लिखते हैं उसे किसी चित्र यानी कि डायग्राम के रूप में दर्शना फ्लोचार्ट कहलाता है ।

दोस्तों फ्लो चार्ट में भी कई तरह की चीजों का प्रयोग किया जाता है जिनमें से सबसे खास चीज है सिंबल, अब आप सोच रहे होंगे प्लीज फ्लो चार्ट में सिंबल का प्रयोग कैसे किया जाता है और क्यों किया जाता है, आइए जानते हैं कि फ्लो चार्ट में सिंबल का प्रयोग क्यों किया जाता है ।

  • स्टार्ट और इंड – इस सिंबल का प्रयोग किसी भी प्रोग्राम को शुरू या बंद करने के लिए किया जाता है। प्रोग्राम शुरू करने के लिए Start और खत्म करने के लिए End का प्रयोग किया जाता है।
  • इनपुट आउटपुट – किसी भी वैल्यू को एक्सेप्ट करने के लिए इनपुट का इस्तेमाल किया जाता है वहीं दूसरी तरफ अगर आपको कोई रिजल्ट देना है तो आउटपुट का इस्तेमाल होता है या फिर किस दो नंबर को जोड़ना है तो हम इस सिंबल का इस्तेमाल करते हैं ।
  • प्रोसेस – जब हमें किसी प्रकार का कैलकुलेशन करना होता है। तब हम इस सिंबल का प्रयोग करते है। जैसे किसी नंबर को जोड़ना, घटाना आदि। इसमें आप सभी तरह के कैलकुलेशन कर सकते है।
  • डिसीजन – इस सिंपल का प्रयोग तब किया जाता है जब हमें किसी प्रकार का डिसीजन यानी की निर्णय लेना हो या हमारा कोई प्रश्न होता है। इसका उत्तर सही और गलत या 0 और 1 के रूप में आता है।
  • डायरेक्शन – जलन फ्लो चार्ट बना रहे हो तो यह देखना होता है की सोच आप किस दिशा में जा रहा है या फिर आपके पास जो डाटा है वह किस दिशा के तरफ जा रहा है तो उस दौरान आपको इस सिंबल का प्रयोग करना होता है । अगर कोई Condition False है तो आपको Arrow को False Condition की Side दिखाना होगा। और अगर कोई Condition Right है तो उस Side Arrow दिखाना है।
  • कनेक्टर – इस सिंबल का प्रयोग फ्लो चार्ट में एक पार्ट को दुसरे पार्ट जोड़ने के लिए किया जाता है। मतलब दो फ्लो चार्ट को आपस में जोड़ने के लिए किया जाता है। अगर आपके पास दो फ्लो चार्ट है और दोनों एक-दूसरे से कनेक्टेड  है, और आपको यह दिखाना है की यह एक दूसरे से जुड़ा है तो ,आप इस सिंबल का प्रयोग कर सकते है।
  • कमेंट/ एक्सप्लेनेशन – इस सिंबल का प्रयोग किसी भी तरह का कमेंट और एक्सप्लेनेशन देने के लिए किया जाता है। अगर आपको फ्लो चार्ट में कोई कमेंट करना है या कुछ विस्तार में करना है तो आप इस सिंबल का इस्तेमाल कर सकते है।
  • प्रिपरेशन – इस सिंबल का प्रयोग Advanced Programming के लिए किया जाता है। इसका प्रयोग प्रोग्रामिंग  में प्रिपरेशन  के लिए किया जाता है।

दोस्तों, इस ब्लॉग के जरिए हमने आपको फ्लोचार्ट और उससे जुड़े हुए हर सिंबल के बारे में अच्छी तरह से बताया है अब आपके पास इस टॉपिक से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण जानकारी है और अब आप फ्लोचार्ट का आसानी से प्रयोग कर सकते हैं ।


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