स्टोरेज डिवाइस क्या है और ये कितने प्रकार के होते है? पूरी जानकारी

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दिन प्रतिदिन टेक्नोलॉजी का प्रयोग हमारी जिंदगी में बढ़ता जा रहा है, टेक्नोलॉजी के जरिए हम हर दिन अलग अलग तरह का कार्य करते हैं जो कार्य हम पहले अपने हाथों से किया करते थे वह कार्य आज हम बस बोल कर कर लेते हैं, चाहे कहीं बैठे बैठे अपने घर का पंखा और ऐसी खोलना या बंद करना हो या फिर किसी वीडियो को रिकॉर्ड करना हम यह सब काम है,

आसानी से किसी भी डिवाइस के माध्यम से कर सकते हैं । जब हम कोई वीडियो या कोई तस्वीर खींचते हैं तो यह जरूरी होता है कि हम उसे कहा सहेज के रखते हैं क्योंकि अगर हम पहले के जमाने की बात करें तो हर तस्वीर को एल्बम में रखा जाता था लेकिन वक्त के साथ में तस्वीरें खराब हो जाती थी लेकिन अब बाजार में तरह-तरह का स्टोरेज डिवाइस मौजूद है जिसके जरिए आप अलग-अलग प्रकार का डाटा स्टोर करके सुरक्षित रख सकते हैं ।

स्टोरेज डिवाइस क्या है? (Storage Device Kya Hai)

जिस तरह डाटा अलग-अलग प्रकार का होता है उसी तरह उसको रखने के लिए बाजार में तमाम तरह के स्टोरेज डिवाइस मौजूद हैं, चाहे आपको कोई वीडियो संभाल कर रखना हो या फिर ऑडियो या कोई तस्वीर या स्टैट्स का डाटा हर तरह का डाटा आज के वक्त सुरक्षित रखा जा सकता है वह भी अलग-अलग डिवाइस के माध्यम से, और खास बात तो यह है कि यह डिवाइस आप आसानी से कहीं पर भी लेकर जा सकते हैं और इसका उपयोग कर सकते हैं इसलिए आज की दौड़ में स्टोरेज डिवाइस की डिमांड बहुत है।

लेकिन क्या आपको पता है कि, स्टोरेज डिवाइस कितने तरह की होती है और यह क्या होती है, क्योंकि अक्सर हम स्टोरेज डिवाइस का नाम सुनकर या सोच में पड़ जाते हैं कि यह क्या है और कितने प्रकार का है इसलिए आज इस ब्लॉग के माध्यम से हम आपको अलग-अलग प्रकार का स्टोरेज डिवाइस के बारे में बताएंगे और साथ ही यह भी बताएंगे कि सरल भाषा में स्टोरेज डिवाइस किसे कहते हैं ।

आप किसी भी जानकारी को प्राप्त करने के लिए कई वेबसाइट पर जाकर होंगे और हर वेबसाइट पर आपको एक जानकारी पूरी तरह से बताया जाता है जिसके बाद अक्सर लोग दुविधा में पड़ जाते हैं और सही जानकारी की जगह दुविधा लेकर काफी परेशान हो जाते हैं इसलिए यह जरूरी है जब आप इस वेबसाइट पर आए तो इस जानकारी को पूरा पढ़ें और आखिरी तक पढ़े हैं क्योंकि यहां हम आपको काफी सरल भाषा में आपके लिए महत्वपूर्ण बातें बताएंगे जो कि आपको दूसरे साइट पर समझना मुश्किल होगा ।

अगर आप स्टोरेज डिवाइस के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं और यह जानना चाहते हैं कि यह कितने प्रकार का होता है तो आइए हम बात करते हैं कि स्टोरेज डिवाइस क्या होता है -:

दोस्तों, स्टोरेज डिवाइस को कई अन्य नाम से जाना जाता है जैसे कि, डिजिटल स्टोरेज, स्टोरेज मीडिया, के नाम से जाना जाता है,  स्टोरेज डिवाइस स्थाई और अस्थाई जानकारी को स्टोर करने का काम करती है । स्टोरेज डिवाइस में आप किसी पर डाटा को डिजिटल तौर पर टेंपरोरी और परमानेंट स्टोर करके रख सकते हैं । आप अलग-अलग डाटा को अपने कंप्यूटर और लैपटॉप में अपने डाटा को इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और ऑप्टिकल के रूप में स्टोर कर सकते हैं । जिसके बाद जब भी आपको जरूरत पड़ती है तो कंप्यूटर प्रोसेसर आप के डाटा को आसानी से एक्सेस करती है ।

स्टोरेज डिवाइस के प्रकार

स्टोरेज डिवाइस मुख्य तौर पर दो प्रकार की होती है प्राइमरी स्टोरेज सेकेंडरी स्टोरेज । यह दो प्रकार का स्टोरेज डिवाइस डाटा को अलग-अलग तरह से स्टोर करता है और वक्त आने पर कंप्यूटर इन डाटा को आसानी से एक्सेस करता है ।

प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस क्या है?

प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस की मेमोरी वोलेटाइल होती है जिसे हम अस्थायी कहते हैं, प्राइमरी स्टोरेज का मतलब किसी भी कंप्यूटर के मेन मेमोरी से होता है, जिससे कि कंप्यूटर में स्टोर किसी भी तरह के डाटा को जल्द से जल्द एक्सेस किया जा सके । प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस दो प्रकार की होती है – रेम और रोम  ।

सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस क्या होती है ?

सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस को कंप्यूटर का मेन मेमोरी कहा जाता है जहां पर हर डाटा और इंफॉर्मेशन परमानेंट रूप से स्टोर किया जाता है, सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस को auxiliary storage device कहते हैं, प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस की तुलना में सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस में डाटा रखने की कैपेसिटी बेहद ज्यादा होती है क्योंकि इनके स्टोरेज की छमता अधिक होती है ।

यह इंटरनल और एक्सटर्नल तरीके से अलग-अलग डाटा को स्टोर करते हैं जैसे कि, यूएसबी स्टोरेज डिवाइस, हार्ड डिस्क, ऑप्टिकल डिस्क ड्राइव इत्यादि इसमें खास बात यह है कि, आप डाटा की स्टोरेज को घटा बढ़ा सकते हैं और इसमें  डाटा एक्सेस करने की गति प्राइमरी स्टोरेज डिवाइस से कहीं ज्यादा अधिक होती है ।

यहां तक हमने आपको सरल शब्दों में बताया है कि स्टोरेज डिवाइस क्या होता है यह कैसे काम करता है और यह कितने प्रकार का होता है । अब हम आपको बताएंगे क्या बाजार में मौजूद कई ऐसी डिवाइस है जिसको आप आम तौर पर प्रयोग तो कर रहे हैं लेकिन शायद आप उनके बारे में पूरी जानकारी ना जानते हैं जैसे कि वह किस तरह का स्टोरेज डिवाइस है , इसीलिए यहां हम आपको कुछ उदाहरण के जरिए यह बताएंगे कि आप की रोजमर्रा में प्रयोग होने वाली तमाम डिवाइस किस प्रकार की स्टोरेज डिवाइस है।

सीडी

सीडी का पूरा नाम कंपैक्ट डिस्क होता है, जिसका प्रयोग डाटा को लेजर लाइट यानी कि ऑप्टिकल किरण के द्वारा  डालने के लिए किया जाता है । आप किसी भी 1 स्टैंडर्ड सी डी में 700 मेगाबाइट तक का पूरा डाटा आसानी से स्टोर कर सकते हैं ।

डीवीडी

डीवीडी का पूरा नाम “डिजिटल वर्सेटाइल डिस्क” होता है, सिंगल साइड लेयर में डीवीडी की कैपेसिटी 4.7 जीबी है जबकि , सिंगल साइड डबल लेयर में डिबडी की कैपेसिटी बढ़कर 8.5 जीबी होती है । वहीं दूसरी तरफ, डबल लेयर सिंगल साइड डीवीडी की कैपेसिटी 9 .4 जीबी होती है और आप इसमें सीडी के तुलना में ज्यादा डाटा स्टोर कर सकते हैं ।

फ्लॉपी डिस्क

फ्लॉपी डिस्क एक ऐसा डिवाइस है जिसका प्रयोग सबसे पहले कंप्यूटर में डाटा को स्टोर करने के लिए किया गया था । वैसे तो यह डाटा स्टोर करने का सबसे सिक्योर डिवाइस माना जाता है लेकिन इसमें यह कमी है कि इसकी स्टोरेज अन्य डिवाइस की तुलना में बेहद कम है इसलिए आप इसमें कम डाटा स्टोर कर सकते हैं ।


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