भारत के वीर पर निबंध – Real Heroes Of India in Hindi

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भारत के वीर – Real Heroes Of India in Hindi

यूं तो हम सब किसी बड़ी हस्ती या फिल्मों के नायक-नायिकाओं को पसंद करते है और उनसे प्रेरणा लेते है,परंतु सही मायनों में यदि कोई नायक के पद के योग्य है तो वे है हमारे देश के वीर जवान।

भारत के वीर वेबसाइट,भारत सरकार द्वारा उठाया हुआ एक कदम है जिससे भारत के शहीद वीर सैनिकों,अर्धसैनिक बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और उनके परिवार वालों को कुछ आर्थिक मदद मिल सके।

क्या अपने कभी सोचा है की आप अपने देश में अपने घरों में इतने सुरक्षित कैसे है? ज़रा विचार कर के देखिये आपकी सुरक्षा के लिये कौन ज़िम्मेदार है? इसका आपको केवल एक ही उत्तर मिलेगा की हमारी सुरक्षा तभी संभव है जब तक भारत की रक्षा करने के लिए भारत के वीर जवान बॉर्डर पर तैनात खड़े है।

भारत के पड़ोस में कुछ ऐसे देश है जो न खुद चैन से रहते है ना भारत को रहने देते है। वे भारतवर्ष का नुकसान करने के लिए बमबारी, आतंकी हमले, दंगे यह सब करते ही रहते है।

आतंकवादी बॉर्डर से घुसते है और भारत मे दहशत फैलाते है। उसी बॉर्डर की हिफाज़त और आतंकियों की घुसपैठ को रोकने के लिए भारत के कुछ वीर पुरुष वहाँ अपनी जान जोखिम में डाल कर रात दिन तैनात रहते है।

कई बार तो आतंकियों से मुठभेड़ में वे वीरगती को प्राप्त हो जाते है। ऐसी स्तिथि में उनके माँ-बाप, पत्नी,बच्चों का भरण-पोषण कैसे होगा, इसी चिंता से भारत के सेनानी परेशान रहते है। उनके इस भार को कम करने के लिए भारत सरकार ने यह वेबसाइट चालू करवाई है जिसमें भारत में रहने वाले जान साधारण परिवार अपने- अपने योग्यता अनुसार  वीर पुरुषों के कोष में धनराशि जमा करा सकते है।

यह योजना भारत सरकार के अंतर्गत गृह मंत्रालय द्वारा शुरू की गयी थी। इसकी शुरुआत श्री मुकुंद.बी.वला, अभिनेता अक्षय कुमार ,जिन्होंने इस नेक योजना का प्रस्ताव दिया और पूर्व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जिन्होंने इसे ऑनलाइन लाने का आवेदन किया, द्वारा अप्रैल २०१७ में की गई थी। इसे संभालने के लिये सरकार द्वारा एक समिति बैठाई गई है,

जिसमे कुछ प्रख्यात और सरकारी अधिकारी शामिल है। इस योजना से जो भी धनराशि आती है वह मृत सैनिकों और अर्धसैनिक बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के परिवार जनों के कोष में इन सरकारी अधिकारियों के देख-रेख में जमा करवाई जाती है। शहीदों को श्रद्धांजलि के रूप में यह भारत की ओर से भेंट के तौर पर दिया जाता है।

यह योजना भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र में नियंत्रित होती है तथा इस योजना में अपना पूर्ण योगदान देते है भारतीय स्टेट बैंक। इसकी शुरुआत गृह मंत्री राजनाथ सिंह जी ने सभी मृतक सैनिकों  के परिवार जनों को एक-एक करोड़ रुपये की धनराशि देकर की थी। उस वक़्त सेनानियों के परिवारजनों को लगभग २०-२२ लाख की धनराशि सरकार द्वारा दी जाती थी जो उनके लिए पूरी नही पड़ती थी, तब सरकार ने सोचा की इसमें भारतवर्ष के नागरिकों का योगदान भी आवश्यक है।

राजनाथ सिंह जी के साथ कुछ अन्य मंत्री जैसे किरेन रिजेजु और हंसराज अहीर ने स्वयं धनराशि देकर इस योजना में योगदान दिया। अगस्त तक इस योजना ने  सामान्य जन के मदद से लगभग १.५ करोड़ तक कि धनराशि जोड़ ली थी। इस योजना के ऊपर एक गीत भी २० जनवरी २०१८ में गायक कैलाश खेर द्वारा प्रस्तुत किया गया था और इसके प्रचार के लिए एक पत्रिका भी आई थी। इस कार्यक्रम को डालमिया समूह द्वारा आयोजित करवाया गया था।

भारत के वीर योजना पर जो उपन्यास जनवरी २०१८ में प्रकाशित हुई थी,इसे केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ने प्रकाशित करवाया गया था। इस उपन्यास का मुख्य लक्ष्य यह था की सामान्य जनता तक वीरों के बहादुरी की सत्य कहानियाँ पहुंचाई जाए।

भारत के वीर योजना ,अर्धसैनिक के अंतर्गत आये राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड,असम राइफल्स, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और सीएपीएफ के अंतर्गत आये केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल,सीमा सुरक्षा बल,भारत-तिब्बत सीमा पुलिस,केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल,सशस्त्र सीमा बल के लिए लागू किया गया है।

भारतीय वीर वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य यही ही ही है कि हम सब देशवासी जितना हो सके इसमे योगदान दे। हमारे देश के जवान हमारे गौरव है। हमारा पूरा देश उन्हें हृदय से शत-शत नमन करता है।


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