किडनी खराब होने के लक्षण और उपाय  पूरी जानकारी 

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Kidney Kharab Hone Ke Lakshan Hindi Me

गुर्दे की पथरी की समस्या आज कल बहुत सारे लोगों में देखने को मिल जाती है। एक अध्ययन में पाया गया की भारत में 15 प्रतिशत लोगों को गुर्दे की पत्थरी की समस्या है और जिनमें से 50 प्रतिशत लोगों में इस बीमारी का अंत किडनी के खराब होने के साथ होता है।

यह आंकड़े इस समस्या की भयावह स्थिति को बतलाते हैं,  फिर भी आम भारतीयों को इसके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है।इसी कारण वे इसका सही इलाज नहीं करा पाते हैं। यदि उन्हें इसकी संपूर्ण जानकारी होती तो शायद वे भी इस बीमारी से निजात पा सकते। यदि आप भी इस जानकारी से वंचित हैं, तो आपको इस प्रस्तुत लेख को जरूर पढ़ना चाहिए।

पथरी

गुर्दे की पथरी को नेफ्रोलिथियासिस के नाम से भी जाना जाता है, जो खनिजों और लवणों से बनी होती है और जिसका निर्माण मुख्य रूप से किडनी में होता है।

यह समस्या कई कारणों से हो सकती है और इसके काफी समय तक लाइलाज रहने पर यह मूत्र पथ के उस हिस्से को प्रभावित कर सकती है- जो गुर्दे से मूत्राशय तक आता है।

कैल्शियम स्टोन्स- अधिकांश गुर्दे की पथरी कैल्शियम स्टोन ही होती हैं, जो आमतौर पर कैल्शियम ऑक्सालेट के रूप में होती है। ऑक्सालेट एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला पदार्थ है, जो भोजन में पाया जाता है और इसके साथ इसका निर्माण लीवर द्वारा प्रतिदिन किया जाता है। कुछ फलों और सब्जियों इसके साथ में नट्स और चॉकलेट में भी उच्च मात्रा में ऑक्सलेट होता है।

स्त्रावित स्टोन्स- यह स्टोन संक्रमण के कारण होता हैं, जो मुख्य रूप से मूत्र के मार्ग में होता है। इस स्कूल का आकार बहुत जल्दी बढ़ता है और यह काफी बड़ा भी हो सकता है।

यूरिक एसिड स्टोन्स- यह स्टोन उन लोगों में अधिक होते हैं, जो पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन नहीं करते हैं या फिर जो उच्च प्रोटीन वाला भोजन करते हैं। यूरिक एसिड स्टोन महिला की तुलना उन पुरूषों में अधिक होती है, जिनके मूत्र में एसिड की मात्रा अधिक होती है।

सिस्टिने स्टोन्स- हालांकि, यह किडनी स्टोन का ऐसा प्रकार है, जो काफी कम लोगों में होता है। मुख्य रूप से यह समस्या उन लोगों में होती है, जिन्हें कोई आनुवंशिकी विकार होता है। सिस्टिने स्टोन्स की स्थिति में सिस्टिने नामक एसिड किडनी से यूरिन में लीक हो जाता है।

गुर्दे की पथरी के लक्षण।

मूत्र करते समय दर्द होना- यह पथरी का आम लक्षण है, जिसमें व्यक्ति को मूत्र करते समय बहुत दर्द होता है। दर्द मूत्र के समाप्त होने से पहले होता है।

बार-बार मूत्र आना- यदि किसी व्यक्ति को बार-बार पेशाब करने जाना पड़ता है, तो उसे किडनी स्टोन हो सकता है। अत: व्यक्ति को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और इसकी सूचना डॉक्टर को तुंरत देनी चाहिेए।

उल्टी का आना- कई बार ऐसा देखा गया है कि पथरी रोग होने पर व्यक्ति को उल्टी बार-बार होती है। हालांकि, उल्टी आने को गंभीरता से नहीं लिया जाता है, लेकिन इस स्थिति में व्यक्ति को इसे गंभीरता से लेना चाहिए ताकि उसे किसी अन्य परेशानी का सामना न करना पड़े।

बुखार का होना- यदि किसी व्यक्ति को बुखार होता है, और वह किसी भी दवाई से ठीक नहीं होता है, तो उसे किसी सूचना डॉक्टर को देनी चाहिए क्योंकि यह किडनी स्टोन का लक्षण हो सकता है।

मुख्य कारण इस प्रकार हैं

अधिक मात्रा में प्रोटीन, नमक या ग्लूकोश युक्त डाइट करना- यदि किसी व्यक्ति को अधिक मात्रा में प्रोटीन, नमक या ग्लूकोश वाला भोजन की इक्षाहोती है, तो उसे गुर्दे की पथरी हो सकती है। अतः व्यक्ति को ऐसा भोजन करना चाहिए जिसमें उचित मात्रा में प्रोटीन, नमक या ग्लूकोश इत्यादि हो।

वजन का अधिक होना- गुर्दे की पथरी उन लोगों भी हो सकती है, जिनका वजन अधिक होता है। इसी कारण व्यक्ति को अपने वजन को नियंत्रण में रखना चाहिए।

बाइपास सर्जरी का कराना- किडनी स्टोन की समस्या उस व्यक्ति को भी हो सकती है, जिसने हाल ही में बाइपास सर्जरी कराई है। ऐसा मुख्य रूप से इस सर्जरी के दुष्प्रभाव के कारण होता है।

डिहाइड्रेशन का होना- ऐसा माना जाता है कि शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी का होना काफी जरूरी होता है क्योंकि इससे आवश्यक तत्व मौजूद रहते हैं। अत: जो व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीता है, तो उसे पथरी रोग होने की संभावना अधिक रहती है।

गुर्दे की पथरी का इलाज।

देशी इलाज करना- गुर्दे की पथरी का इलाज कई देशी इलाज के द्वारा भी किया जा सकता है। इस स्थिति में भरपूर पानी पीना और उसके साथ में बार-बार पेशाब जाने से किडनी स्टोन स्वयं निकल जाती है।

घरेलू नुस्खे अपनाना- देशी इलाज के साथ-साथ पथरी का उपचार कुछ घरेलू नुस्खों के द्वारा भी किया जा सकता है। इसमें नींबू का रस और ऑलिव ऑयल का सेवन किया जा सकता है और इसके साथ में सेब के सिरका का भी सेवन करना उपयोगी साबित हो सकता है।

सर्जरी कराना- जब पथरी रोग का उपचार किसी भी तरीके से नहीं हो पाता है, तब डॉक्टर सर्जरी करानी की सलाह देते हैं। इस स्थिति किडनी स्टोन रिमूवल सर्जरी सबसे कारगर सर्जरी होती है। इस प्रक्रिया में सर्जिकल तरीके से किडनी स्टोन को निकाला जाता है।

दवाई लेना- कई बार किडनी स्टोन के उपचार में दवाई लेना भी सहायक साबित हो सकता है। ये दवाईयां शरीर में पथरी को बढ़ने से रोकती हैं, ताकि इसका इलाज बेहतर तरीके से किया जा सके।

थैरेपी करना- गुर्दे की पथरी में थैरेपी लेना भी लाभदायक तरीका साबित हो सकता है क्योंकि इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। इसके बावजूद लोग थैरेपी को नहीं कराते हैं क्योंकि उन्हें इसकी पूर्ण जानकारी नहीं होती है।


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