काली लिनक्स क्या है? डाउनलोड और इंस्टॉल करें पूरी जानकारी

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कली लिनौक्स अब के समय में एक इंडस्ट्री का एक लीडिंग लिनौक्स डिस्ट्रिब्यूशन है जब बात पेनेत्राशन टेस्टिंग और एथिकल हैकिंग की हो तब. यह एक ऐसा डिस्ट्रिब्यूशन है जिसमें की बाय डिफाउल्ट (पहले से ही) बहुत से हैकिंग और पेनेत्राशन टूल्स एवं सॉफ्टवेयर प्र लोडेड होते हैं। वहीँ इस लिनौक्स वर्सन को दुनिया में अनेकों लोग इसका उपयोग करते हैं।

इनमें ऐसे विंडोवस् यूजर भी शामिल है जिन्हें की लिनौक्स के विषय में कुछ भी नहीं पता होता है. इसलिए चाहे उन्हें कुछ पता हो या न हो सभी को इसे इस्तमाल करने में बड़ी रूचि होती है. इसका कारण बहुत से हैं जैसे की कोई इसे केवल फन करने के लिए करते हैं, तो कुछ अपनेl फ्रेंड को इंप्रेस करने के लिए, वहीँ कुछ अपने पडोसी के WiFi को हैक करने के लिए भी करते हैं।

यकीन मानिये की ऐसा करना बिलकुल भी ठीक नहीं है क्यूंकि कली लिनौक्स को इस कार्य के लिए नहीं बनाया गया है. इसलिए चलिए आज इस article में हम कली लिनौक्स क्या होता है और उससे जुडी सभी बातों को गहराई से समझेंगे. जिससे आपको इसे ठीक तरीके से समझने में आसानी होगी। चलिए बिना किसी विलंब के से आरंभ करते हैं।

काली लिनक्स क्या है? Kali Linux Kya Hai

काली लिनौक्स एक ऐसा लिनौक्स डिस्ट्रिब्यूशन होता है की जो की  विशिष्ट होते हैं  साइबर सुरक्षा जैसे कार्यों के लिए. यह एक ओपन सोर्स के प्रोडक्ट होते है जिसमें बहुत सारे   कस्टमाइजेशन किये गए होते हैं पेनेत्राशन टेस्टिंग के लिए, जिससे की ये बहुत सी कंपनिस की मदद करते हैं उनके वुलनेराबिलिटी को पहचानने के लिए।

वैसे एक लिनौक्स डिस्ट्रिब्यूशन में अक्सर एक बंडल होता है जिसमें की लिनौक्स कर्नल होता है, साथ में एक सेट की कौर यूटिलिटी और अप्लिकेशन, साथ में कुछ डिफाउल्ट सेटिंग्स भी. इसलिए कली लिनौक्स में वैसे कुछ ज्यादा उनीक् चीज़ नहीं होता है, क्यूंकि इसमें जो भी टूल्स होते हैं उन्हें किसी दुसरे लिनौक्स डिस्ट्रिब्यूशन में भी इंस्टाल किया जा सकता है.

इसमें जो सबसे बड़ा अंतर है वो ये की कली लिनौक्स में सभी टूल्स पहले से ही पैक होते हैं और इनकी डिफाउल्ट सेटिंग्स का चुनाव भी उनके इस्तमाल के हिसाब से पहले से ही किया जाता है जो की एक टीपीकल् देशक्टप यूजर को फिट बैठे।

कली लिनौक्स आधारित होता है एक डेबियन लिनौक्स डिस्ट्रिब्यूशन के आधार पर, और साथ में ये दौड़ करता है एक बड़ा स्पेक्ट्रम की   डिवाइस पर। चूँकि ये ओपन -सोर्स होता है इसलिए इसे इस्तमाल करना फ्री होता है और लीगल भी, बहुत से बड़ा रेंज के   इंटर प्राइस सिनेरियो में।वहीँ बहुत से एक्सपर्ट ये रेकॉमन्द करते हैं की कली लिनौक्स का इस्तमाल केवल लिनौक्स के जानकार ही करें और न की शुरू करने वालों के लिए।

कली लिनॉक्स उसको डाउनलोड और इंस्टॉल करें

  • सबसे पहले आपको कली लिनौक्स ISO फाइल और VM वायर को डाउनलोड करके इंस्टाल करें।
  • फिर VM वेयर को Open कर लीजिये। फिर  क्रिएट ए  न्यू विर्चुअल् मशीन पर क्लिक करे।
  • फिर इंस्टैलेर डिस्क इमेज फाइल के ऑप्शन को सिलेक्ट करने के बाद आपके सामने नया पेज ओपन होगा। इसे सिलेक्ट करके ब्राउस बटन पर क्लिक करे और काली लिनक्स की ISO फाइल (जिसे आपने ऊपर डाउनलोड किया है) को सेलेक्ट करके नेक्स्ट पर क्लिक कर दीजिये।
  • फिर गेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम

इसमें लिनौक्स को Select करे। वर्सन में लिनौक्स ISO फाइल का जो वर्सन है उसे सेलेक्ट करना है फिर नेक्स्ट पर क्लिक करे।

  • इसमें आपको विर्चुअल् मशीन नाम देना है।
  • और इस ऑप्शन में आपको कली लिनौक्स लिखना है और नेक्स्ट पर क्लिक कर दीजिये।
  • मैक्सिमम डिस्क साइज – इसमें आपको 20 GB तथा हार्डडिस्क की C ड्राइव में जो स्पेस होगी उसके अनुसार सेलेक्ट करना है। मिनिमम 8GB कर सकते है।
  • स्टोर विर्चुअल् डिस्क एस ए सिंगल फाइल – इसे सेलेक्ट करके नेक्स्ट पर क्लिक कर दीजिये।
  • कस्टमाइज हैंड्वेयर

इस पर क्लिक करके अब कुछ सेटिंग करनी होगी। मेमोरी में आपको 1024 MB या आपके कंप्यूटर की RAM अधिक है तो 2048 Mb को भी आप सेलेक्ट कर सकते है।प्रोसेसर में आपको 2 Core Select करना है।

  • नेटवर्क अदप्टर में नेटवर्क कनेक्शन Bridge पर क्लिक करे और क्लोज पर क्लिक करके फिनिश पर क्लिक कर दीजिये।
  • ग्राफिकल इंस्टाल के ऑप्शन पर क्लिक करे। अब कली लिनौक्स इंस्टाल होने लगेगा। आपको इसमें कुछ सेटिंग करनी होगी।
  • भाषा में इंग्लिश को सेलेक्ट करना है।
  • लोकेशन – लोकेशन में आपको इंडिया सेलेक्ट करना है।
  • कंफिगर लोकालेस् –अमरीका को सेलेक्ट करे कीबोर्ड में आप अमेरिका इंग्लिश सेलेक्ट कर सकते है।
  • होस्ट नाम में आपके कंप्यूटर का नाम इंटर करना है।
  • डोमैन् – इसमें वेबसाइट का Url इंटर होगा।
  • रूट पासवर्ड – आपको एक रूट Password क्रीएट करना है।
  • पर्टिट्यूशन डिस्क में आपको गाइडेड – यूज   इंटयर डिस्क  पर क्लिक करना है और   कंटिन्यू पर डबल क्लिक करना है।
  • सेलेक्टेड फॉर पर्टिट्यूनिंग

आल फाइल इन वन पर्टिट्यूनिंग को सेलेक्ट करे। इसके बाद फिनिश पर्टिट्यूनिंग और राइट चेंजेस टू डिस्क पर क्लिक करे। फिर  कंटिन् कंटिन्यू पर क्लिक कर दीजिये।

  • फिर राइट द चेंजेस तू डिस्क

इसमें एस को सेलेक्ट करके  कंटिन्यू पर क्लिक कर दे। इसमें थोड़ी देर की प्रोसेस होगी।

  • यूज अ नेटवर्क मिरर

एस को सेलेक्ट करे। HTTP प्रॉक्सी इंफॉ को ब्लैंक ही रखे और कंटिन्यू पर क्लिक कर दीजिये।

  • फिर इंस्टाल ग्रुब बूट लोडर को

इंस्टाल करना है और एस पर क्लिक करके   कंटिन्यू पर क्लिक कर करना।

  • फिर कली लिनौक्स सुक्सेसफुल्ली इंस्टैलड
  • अब कली लिनौक्स इंस्टाल हो गया है। यह पुनः स्टार्ट होगा । तो कली लिनौक्स पर क्लिक करे और इसे ओपन करे।
  • फिर यूजर नाम और पासवर्ड पर ये दोनो टाइप करने हैं।
  • फिर अंत में Sign इन करके आप कली लिनौक्स का उपयोग करें।

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