प्रतिभा पलायन पर निबंध – Essay On Brain Drain in Hindi

Spread the love

ब्रेन ड्रेन एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें प्रतिभा से भरे- पूरे लोग अपने देश में सही साधनों को न पाने की वजह से अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पाते और अपनी उचित साधनों को पाने के लिये दूसरे देशों में चले जाते है। भारतवर्ष में सही संसाधन ना होने के कारण तेज़ी से ब्रेन ड्रेन देखा गया है।

प्रतिभा पलायन पर निबंध – Long and Short Essay On Brain Drain In Hindi

ब्रेन ड्रेन का मुद्दा छोटा नहीं है अपितु यह किसी भी देश के लिये अति गंभीर विषय है क्योंकि कुछ कुशल, बुद्धिमान लोग अगर देश छोड़ कर चले जाये और वही लोग अन्य देश में जाके अपनी प्रतिभा दिखाते है, तो यह किसी भी क्षेत्र के लिये शर्मिंदगी की बात है।

अपने देश को छोड़ कर प्रतिभाशाली लोग ज़्यादातर उन देशों में जाते है जो पहले से ही विकसित हो तथा उनमें सब कुछ सम्पन्न हो। ऐसे में फायदा ,नाम और शोहरत  उन्हीं देशों को मिलते है और जिस देश को वे लोग त्याग कर गए है उसका कहीं नाम ही नहीं आता। ऐसे में अपने देश में गरीबी तथा बेरोज़गारी बढ़ती ही रहेगी क्योंकि व्यवस्था सही नहीं है। ब्रेन ड्रेन के कई कारण हो सकते है जैसे दूसरे देशों में सही शिक्षा व्यवस्था, राजनीति में स्थिरता, बच्चों को दी गई स्वतंत्रता,आदि शामिल है।

ब्रेन ड्रेन की वजह से विकसित देश अपनी अर्थव्यवस्था और बढ़ाते है और जो प्रदेश कम विकसित होते है वे निरंतर संघर्ष करते रहते है।  अब इसके लिए जनता ज़िम्मेदार है या सरकार यह प्रश्न कठिन बन जाता है।

सरकार को भी कही न कही चाहिए की वह देश की परिस्थितियों को सुधारे जिससे की प्रतिभाशाली लोग अपने देश में रहे और देश की गरीबी तथा आर्थिक व्यवस्था को सही करने में योगदान दे। सरकार की गैरज़िम्मेदाराना रवैय्ये और बिकाऊ चरित्र को भी हम ब्रेन ड्रेन का एक प्रमुख कारण मान सकते है।

जहाँ सरकार को देश के प्रतिभाशाली लोगों को उनकी प्रतिभा और कार्यकुशलता को आगे बढ़ने में उनका सहयोग करना चाहिए, उन्हें बढ़ावा देना चाहिए, वहाँ सरकार अपने कर्तव्यों से मुँह मोड़ कर भ्रष्टाचार करने में लगी हुई है। व

हीं दूसरी ओर कहीं प्रतिभाशाली लोगों की सोच भी ब्रेन ड्रेन के लिए ज़िम्मेदार है, उनको भी चाहिए की वे दूसरे देशों से नए कौशल सीख कर अपने देश वापस आ जाये तथा अपनी प्रतिभा से अपने देश का हित करें, देश की आर्थिक स्तिथि संभालने में मदद करें, यही एक जागरूक जन का कर्त्तव्य है, एक और प्रमुख कारण है की कुछ देशों में रोजगार , लोगों के लिए समान नही होते।

कई बार व्यक्तियों को काम के सिलसिले में अपने देश से दूर किसी अन्य देश में जाना पड़ता है,वे अपनी प्रतिभा और शिक्षा के आधार पर बेहतर सुविधा के लिए दूसरे देशों में जाते है और इसी को प्रतिभा पलायन कहा जाता है। भारत में मुख्य रूप से इसका प्रयोग होता है क्योंकि यहाँ रोज़गार नहीं है।

कई युवा बेरोज़गार है,पढ़े लिखे होने के बावजूद उन्हें दर-दर भटकना पड़ता है। भारत में नौकरी की बहुत कमी है इसी कारणवश देश के युवा अन्य देशों में सुविधा के लिए,रोज़गार के लिए चले जाते है। वास्तव में प्रतिभा पलायन एक कहावत है जो अत्यधिक प्रतिभाशाली एवं शिक्षित व्यक्तियों के देश छोड़ने का वर्णन करता है। यह मुख्य रूप से किसी भी देश में रोजगार की कमी को दर्शाता है।

प्रतिभा पलायन में किसी भी संगठन,उद्योग आदि के व्यक्ति बड़े पैमाने में दूसरे देश की ओर प्रस्थान करते है यह उस देश,संगठन, व उद्योग के लिए काफी शर्मनाक और नुकसान की बात है क्योंकि इससे उस देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ता है साथ ही देश की प्रतिभा में भी कमी होती है। दुनिया भर के अनेकों देश इस मुद्दे से गुज़र रहे है।

प्रतिभा पलायन शब्द रॉयल सोसाइटी द्वारा अस्तित्व में आया। युद्ध के बाद यूरोप से उत्तरी अमेरिका के वैज्ञानिकों व प्रौद्योगिकीविदो का बड़े पैमाने में प्रस्थान को दर्शने के लिए इस शब्द की उत्पत्ति की गई थी। कई लोगों का मानना है कि इस शब्द की उत्पत्ति तब हुई थी जब भारत के इंजीनियर और वैज्ञानिक यूनाइटेड किंगडम गए। प्रतिभा पलायन के अन्य पर्यायवाची शब्द है प्रतिभा का बेकार होना या प्रतिभा परिसंचरण।

पहले इस शब्द का प्रयोग किसी दूसरे देश से आने वाले कर्मचारियों के लिए किया जाता था किंतु अब किसी भी संगठन, उद्योग से जब बड़े पैमाने में व्यक्ति पलायन करते है काम की तलाश में तो इस शब्द का प्रयोग होता है।

जहां एक ओर आज विकशित देश जैस यूके आदि ने भी प्रतिभा पलायन का अनुभव किया है वहीं दूसरी ओर भारत चीन जिसे विकासशील देशों ने भी इसके अनुभव किया है। मुख्य रूप से यदि प्रतिभा पलायन के कारणों की ओर दृष्टि डाली जाए तो उच्च वेतन,बेहतर चिकित्सा सुविधाएं,उन्नत प्रौद्योगिकी तक पहुँच,राजनीतिक मौहाल आदि इसके प्रमुख कारण है। प्रतिभा पलायन एक व्यापक शब्द है,यह तीन स्तरों में होता है-

1.भौगौलिक प्रतिभा पलायन-जब भी कोई व्यक्ति या व्यक्तियों का समहू उचित और अधिक वेतन की तलाश में एक देश से दूसरे देश जाते है तो उसे भौगौलिक प्रतिभा पलायन कहते है।इससे उस देश की अर्थव्यवस्था और प्रतिभा पर बहुत बुरा असर पड़ता है।

2.संगठनात्मक प्रतिभा पलायन-जब भी किसी बड़े संगठन के प्रतिभाशाली और रचनात्मक कर्मचारी बड़े पैमाने में दूसरे संगठन की ओर प्रस्थान कर देते है तो इससे संगठनात्मक प्रतिभा पलायन कहते है। इसके मुख्य कारण है वेतन की कमी,लगातार काम,कार्य की प्रशंसा न होना,संगठन द्वारा अचे नेतृत्व का अभाव,गलत कार्य करने पर दबाव इत्यादि।

3.औद्योगिक प्रतिभा पलायन- जब किसी एक उद्योग के कर्मचारी दूसरे उद्योग की ओर कार्य हेतु प्रस्थान करते है तो उसे औद्योगिक प्रतिभा पलायन कहते है।इससे उस उद्योग को काफी नुकसान होता है। इसके मुख्य कारण है कम वेतन,काम में वृद्धि,अनुचित कार्य आदि।

सामान्य तौर पर यूनाइट किंगडम प्रतिभा पलायन वाले देशों में सर्वोच्च है । कई सालों से यह उच्च वेतन,बेहतर काम,जीवन के उच्च स्तर के आधार पर लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। दूसरी ओर भारत की शिक्षा प्रणाली बहुत मजबूत है।यहां के विद्यार्थी बाकी देशों की तुलना में अधिक होशियार एवं समझदार होते है,इसलिए दुनिया के कोने-कोने में इनकी मांग होती है और इसी लिए वे अपना देश छोड़कर दूसरे देश चले जाते है। इसी प्रकार अन्य देश जैस ईरान,मलेशिया आदि में भी प्रतिभा पलायन देखने को मिलता है।

प्रतिभा पलायन एक बहुत गंभीर मुद्दा है । विभिन्न देश इससे झूझ रहे है। सरकार इसको नियंत्रित करने का पूर्ण प्रयास कर रही है पर अब भी हमे एक लंबा सफर तय करना है।


Spread the love