एयर फाॅर्स (Air Force) क्या है? Air Force की जानकारी हिंदी में पाए

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भारत के सुरक्षा दलों में वायुसेना,सैनिक सेना और नौसेना अत्यधिक प्रबल है। ये हमारे देश को चारों ओर से सुरक्षा प्रदान करते है। इनके अतुलनीय साहस के विषय में जितना कहा जाए उतना कम है। आज यहां हम भारतीय वायुसेना के विषय में जानेंगे और भारतीय वायुसेना दिवस क्यों मनाया जाता है इस पर भी प्रकाश डालेंगे।

भारतीय वायुसेना – Air Force Ki Jankari Hindi Me

भारतीय वायुसेना की स्थापना ८ अक्टूबर १९३२ में कई गयी थी और इस दिन को याद करते हुए हर वर्ष भारतीय वायुसेना दिवस मनाया जाता है। यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी हवाई सेना है।

भारतीय सेना को भारत की सुरक्षा के लिए तीन भागों में बांटा गया है जिसमे से वायुसेना एक है। वायुसेना मुख्य रूप से हवाई जहाज से संबंधित होता है और आसमान में उड़कर देश की सुरक्षा एवं रखवाली करता है।

सिर्फ पुरुष ही नही बल्कि महिलाओं ने भी वायुसेना में भर्ती होकर इसमे काफी योगदान दिया है। इन्होंने अपने अद्भुत शौर्य और पराक्रम से यह सिद्ध कर दिया है कि वे भी किसी से कम नहीं है। भारतीय वायुसेना में महिलाओं की भर्ती सं १९९० में होनी शुरू हुई थी।

भारतीय वायुसेना में दिन-प्रति दिन नए-नए विमानों को लाया जा रहा। अभी हालफहिला में हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने फ्रांस से राफाल विमान खरीदा है जो हमारे देश के लिए और वायुसेना के लिए अत्यंत गौरव की बात है। भारतीय वायुसेना सेना के सभी सिपाही अथवा कर्मचारी साहसी,बलवान,पराक्रमी और ईमानदार है।

इन्होंने कई बार अपने शौर्य और कौशल से भारत की रक्षा दुश्मनों से की है। इन्ही को सम्मान देने के लिए मुख्य रूप से वायुसेना दिवस मनाया जाता है। स्वतंत्रता से पूर्व भारतीय वायुसेना को रॉयल इंडियन एयर फोर्स के नाम से जाना जाता था और स्वतंत्रता के बाद इसका नाम बदल कर इंडियन फ़ोर्स रख दिया गया। विश्व युद्ध में वायुसेना ने अद्भुत भूमिका निभाई थी।

भारत में जब-जब संकट आया है भारतीय वायुसेना ने अद्वितीय सहसा दिखाया है। भारत की लगभग 24000 अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा का दायित्व भी वायुसेना पर ही है। भारतीय वायुसेना के योगदान की गाथा तो हमेशा से ही अमर रही है और हम सब के दिलों में जीवित भी है। कार्रगिल के युद्ध को ही देख ले किस प्रकार वायुसेना ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को सीमा रेखा के बाहर निकाला था। यही नही चीन के साथ युद्ध में भी इनका अटूट साहस देखने को मिला था।

पिछले साल २०१९ में हुए पुलवामा हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी आतंकवादियों को मुँह तोड़ जवाब दिया और बालाकोट में घुसकर उनके सभी आतंकी ढेरो को बम से उड़ा दिया। इस अविश्वसनीय साहस के लिए देश उनका सदा आभारी रहेगा और उन्हें नमन करेगा।

जब कभी कोई प्राकृतिक आपदा आती है तो वायुसेना मदद के लिए सबसे पहले खड़ी होती है। बर्फीले जगहों पर ज्यादा बर्फबारी और भूखलन हो जाने के कारण जब लोग और यात्री वहां फस जाते है ऐसे में वायुसेना ही उन्हें बचाती है और उनके प्राणों की रक्षा करती है। आकाल हो या भूकंप लोगो की रक्षा करना इनका प्रथम धर्म है।

भारतीय वायुसेना सेना मिशन सहस्त्र बल अधिनियम सं १९४७ और सेना अधिनियम सं१९५० के अंतर्गत आता है। वायुसेना के प्रमुख अधिकारी चीफ एयर मार्शल होते है और इनका मुख्यालय दिल्ली में है इसकी के द्वारा सम्पूर्ण वायुसेना के नियंत्रण किया जाता है। भारतीय राष्ट्रपति भारतीय वायुसेना में कमांडर इन चीफ के रूप में कार्य करते है।

वायुसेना एकमात्र माध्यम है बाहरी देशों पर नज़र रखने का और घुसपैठियों को रोकने का उनक्का पता लगाने का। भारतीय वायुसेना अनुपम है और इनका साहस अटल है। इन्हें गौरान्वित करने के लिए ही हम हर वर्ष भारतीय वायुसेना दिवस मानते है। साल २०२० में भी ८८ वायुसेना दिवस मनाया गया था। ये हमारे देश के गौरव है और हम इन्हें शत शत नमन करते है।


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